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कà¥à¤¯à¤¾ है ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसॉरà¥à¤¡à¤° (OCD)?
डॉकà¥à¤Ÿà¤° छिबà¥à¤¬à¤° के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, "ओसीडी बीमारी में दो कमà¥à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ होते हैं। ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ (सनक) और कंपलà¥à¤¶à¤¨ (मजबूरी)। ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ में कोई सोच, कोई आइडिया होता है जो इंसान के मन में बार-बार आता है। इस पर कंटà¥à¤°à¥‹à¤² नहीं होता है। कई बार ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ होता है तो वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° में कंपलà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ आ जाता है। जैसे- हाथ धोने या कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग जैसे कामों से मरीज मन की घबराहट को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने की कोशिश करते हैं।"
छिबà¥à¤¬à¤° ने बताया कि ओसीडी बायोलॉजिकल और नà¥à¤¯à¥‚रोटà¥à¤°à¤¾à¤‚समीटरà¥à¤¸ का बैलेंस बिगड़ने की वजह से होता है। इसके इलाज में दवाईयों और साइकोथैरेपी का बड़ा रोल होता है। थैरेपी में सीबीटी की तरीके काफी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाते हैं।
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